नागझिरी में संत श्री बोंदरु बाबा समाधि स्थल पर दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

 नागझिरी में संत श्री बोंदरु बाबा समाधि स्थल पर दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब


भादव नवमी पर ग्राम नागझिरी में संत श्री बोंदरु बाबा समाधि स्थल पर एक दिवसीय मेले में शनिवार को उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखा गया। यहाँ निःसंतान महिलाओं को कच्ची कैरी का प्रसाद दिया जाता है, और इस चमत्कारी प्रसाद से कई परिवारों में संतान प्राप्ति हुई है, जिसके कारण इस मेले को 'संतान मेले' के नाम से भी जाना जाता है।

आज 666 महिलाओं ने पान के साथ कपूर एवं कच्ची कैरी का प्रसाद पाया और करीब 116 दंपती ने परिबारजनों के साथ संतान प्राप्ति पर बाबा की समाधि स्थल के सामने तौलादान कर मन्नत उतारी। संत बोंदरु बाबा की इस तपोभूमि का यह चमत्कार दरबार प्रसिद्ध है, इसलिए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान से लेकर साउथ तक की निःसंतान दंपती यहाँ पहुंचकर आज बाबा का प्रसाद पाने की लाइन में लगी रहती हैं। सुरक्षा की कमान संभालने नागझिरी के समाजसेवी लखन कुशवाह बताते हैं कि संत धरती पर राम नाम की धुन धन्य नागझिरी गाँव जहां बाबा जिंदा समाधि लग गया रे भादव नवमी बड़ी भारी संत मेलो लगाई गया रे निमाड़ी भजनों पर आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों की सत्संग कीर्तन की टोलियां यहां पहुंचती हैं।

इस आधुनिक युग में जहां विज्ञान अपना चमत्कार नहीं कर पाता वहां पर आस्था काम कर जाती है। इसी आस्था को लेकर मप्र ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न प्रदेशों से सैकड़ों की संख्या में दंपती संतान की चाह में खरगोन जिले के नागझिरी गांव स्थित संत बोंदरु बाबा की समाधि स्थल पर दौड़-दौड़ चले आते हैं। यह नजारा मप्र के खरगोन से करीब 10 किलोमीटर दूर नागझिरी गांव में देखने को मिलता है, जहां वर्ष में एक बार भादवनवमी को लगने वाले संतान मेले में निःसंतान महिलाएं दूर-दूर से संतान की चाह में पहुंचती हैं, जहां महिलाओं को प्रसाद के रूप में कच्चे आम का प्रसाद खिलाया जाता है। मान्यता है कि इस कच्चे आम का प्रसाद खाने से निःसंतान महिलाओं की सुनी गोद भी भर जाती है।



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