संत बोंदरु बाबा की आरती 


|| ॐ तस्मै श्री गुरुवे नमः ॥ 


जय बोंदरु देवा, स्वामी जय बोंदरु देवा।-2 

सेवक हरि गुण गावे, संत करे सेवा ।। ओम जय ... 


प्रगट भये कलि काल में, की गौ की सेवा।-2 

हरी-हरी घास चराई, पावे तुम मेवा ।। ओम जय .... 


चिड़ियन को तो खेत चुगाया, पानी खपरीन में पेवा। 

राम नाम गुण गावे, ज्वार भरी देवा ।। ओम जय .... 


रामसिंह की गाय जिलाई, तुम गोविन्द देवा। 

सुखा कुँवा निर भरिया, आई माई रेवा ।। ओम जय .... 


कंचन थाल कपूर की आरती, अगर धूप देवा। 

जगमग जोत जलावे, संत करे सेवा । ओम जय .... 


संत बोंदरु जी की आरती, जो कोई नर गावे । 

'दास गरीब' गुण गावे, चरण चित्त लेवा ।। ओम जय ....